कर्क राशि में वर्गोत्तम गुरु और शुक्र का दुर्लभ संयोग जानिए 12 राशियों पर इसका प्रभाव वैदिक ज्योतिष में वर्गोत्तम ग्रह वह ग्रह माना जाता है जो जन्म कुंडली (राशि चार्ट) और नवांश (D9) दोनों में एक ही राशि में स्थित हो। परंपरागत रूप से इसे उस ग्रह की शक्ति और प्रभाव को बढ़ाने वाला माना जाता है। यदि बृहस्पति (गुरु) और शुक्र (शुक्राचार्य) दोनों कर्क राशि में वर्गोत्तम हो जाएँ, तो ज्योतिषी सामान्यतः इसे ऐसा समय मानते हैं जो ज्ञान, समृद्धि, संबंधों, शिक्षा, रचनात्मकता, पारिवारिक सुख तथा भावनात्मक विकास पर विशेष जोर देता है। 8 June से 4 जुलाई २०२६ तक गुरु और शुक्र वर्गोत्तम रहेंगे. Shukra Aur Guru Ke Kark Rashi Mai VARGOTTAM ♈ मेष राशि मेष राशि के जातकों के लिए यह योग घर-परिवार, सुख-सुविधाओं और संपत्ति के मामलों में शुभ परिणाम दे सकता है। परिवार में प्रेम और सामंजस्य बढ़ेगा तथा घर से जुड़े रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना रहेगी। माता का सहयोग मिलेगा और मानसिक शांति में वृद्धि होगी। नए वाहन या संपत्ति खरीदने का विचार भी साकार हो स...