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ज्योतिष में अपराध योग | Astrology and Crime yoga

ज्योतिष में अपराध योग | Astrology and Crime yoga, चोर योग, चुगलखोर योग , बेशर्म योग, कायरपन योग, आलसी  योग

ज्योतिष के द्वारा लोगो के चरित्र को भी अच्छी तरह जाना जा सकता है . कैसे व्यक्ति अपराधी हो सकते है या किस प्रकार के योग में अपराधी बन सकते है ये भी जाना जा सकता है।
ज्योतिष में अपराध योग | Astrology and Crime yoga
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आइये जानते हैं ऐसे ही कुछ योगो को -

चोर योग

  1. कुंडली के तीसरे स्थान का स्वामी व्यय स्थान में बैठा हो तो व्यक्ति चोर हो सकता है साथ थी अगर इस पर बुध या मंगल की दृष्टि हो तो ये योग प्रबल हो जाता है।
  2. दूसरे स्थान में अगर असतं का स्वामी बैठा हो तो भी चोर बना सकता है।
  3. लग्न में मंगल और बुध एकसाथ बैठे हो तो चोर बना सकता है।

चुगलखोर योग :

  • पाचवे भाव में अगर लग्न का स्वामी हो और उसपर शनि, मंगल की दृष्टि हो तो व्यक्ति चुगलखोर हो सकता है।
  • लग्न का स्वामी अगर पाप ग्रह से युक्त हो तो भी व्यक्ति चुगल खोर बना सकता है।
  • लग्न पर पाप गृह की दृष्टि अधिक हो तो भी व्यक्ति को ये दोष होता है।

बेशर्म योग :

  1. चन्द्र और बुध को अगर मंगल देख रहा हो. और विशेषकर 2, 6, 8  और 12 स्थान में चन्द्र और बुध की युति बन रही हो तो योग और प्रबल होता है.
  2. क्षीण चन्द्र मंगल के साथ व्यय स्थान में स्थित हो तो भी बेशर्म योग बनता है।
  3. गुरु निर्बल होकर लग्न में हो और उसपर मंगल की पूर्ण दृष्टि हो तो भी ये योग बनता है।

कायरपन योग:

  • शनि अगर दसवे स्थान में हो और व्यक्ति का जन्म रात में हुआ हो तो कायर बनाता है।
  • मेष या वृश्चिक का मंगल 6, 7 या दसवे स्थान में बैठा हो तो भी कायर बनता है .
  • 6,7 10 स्थान में नीच या शत्रु का मंगल बैठा हो तो भी कायर बनता है।
उपाय : कोई भी दोष इतना प्रबल नहीं होता की उसे दूर न किया जा सके बस जरूरत है सही मार्ग दर्शन की
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आलसी योग:

  1. गुरु और शनि के साथ में होने से व्यक्ति आलसी होता है।
  2. लग्नेश अगर निर्बल हो या पाप ग्रहों से दृष्ट हो तो आलसी बनाता है।
  3. लग्न पर अगर पाप ग्रहों की दृष्टि हो तो आलसी होता है।
  4. लग्न का स्वामी अगर शनि के साथ बैठा हो तो आलसी बनता है।


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